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 Rahul Dravid के लिए सेलेक्‍टर्स से लड़े थे Sourav Ganguly

 भारतीय टीम के पूर्व कप्‍तान सौरव गांगुली ने बताया कि राहुल द्रविड़ का वनडे करियर बचाने के लिए वो सेलेक्‍टर्स से लड़ गए थे। गांगुली ने बताया कि स्‍ट्राइक रेट की चिंता को ध्‍यान में रखते हुए द्रविड़ को वनडे टीम से बाहर करने की मांग उठी थी।

गांगुली ने राज शमानी के पॉडकास्‍ट पर बातचीत करते हुए याद किया कि चयनकर्ताओं ने आक्रामक बल्‍लेबाजी विकल्‍प की जरूरत को बताते हुए द्रविड़ को वनडे टीम से बाहर करने के सवाल खड़े किए थे। पूर्व कप्‍तान हालांकि इस बात पर अड़े रहे कि द्रविड़ का मूल्‍य स्‍ट्राइक रेट आंकड़ों से कहीं ज्‍यादा था।

द्रविड़ का स्‍ट्राइक रेट चिंता का विषय

गांगुली ने कहा, ‘राहुल द्रविड़। लोग मेरे पास आकर कहते कि उनका स्‍ट्राइक रेट अच्‍छा नहीं है। चयनकर्ता कहते थे कि वनडे में किसी और को देखो। शॉट मारना पड़ता है।’ पूर्व कप्‍तान ने खुलासा किया कि वो चयनकर्ताओं को राजी करने में कामयाब रहे कि द्रविड़ को टीम से बाहर करने पर उनका सफेद गेंद करियर हमेशा के लिए खत्‍म हो सकता है।

गांगुली ने कहा, ‘मगर मैंने द्रविड़ को बाहर नहीं किया। क्‍योंकि छोड़ दिया तो खत्‍म हो जाएगा। मैं द्रविड़ के पास जाकर उनसे निजी तौर पर कहता था- जैम, थोड़ा खेलना है। वो महान खिलाड़ी थे। उन्‍होंने परिस्थिति में खुद को ढाला। भारत के लिए नंबर-5 पर खेला और विकेटकीपिंग भी की।’

रणनीति का हिस्‍सा था

गांगुली ने खुलासा किया कि द्रविड़ को विकेटकीपर बल्‍लेबाज बनाना एक बड़ी रणनीति का हिस्‍सा था क्‍योंकि विशेषकर ऑलराउंडर टीम में नहीं था। उन्‍होंने समझाया, ‘हमें विकेटकीपर की जरूरत थी, जो बल्‍लेबाजी कर सके, जिससे मोहम्‍मद कैफ को अतिरिक्‍त बल्‍लेबाज के रूप में खिलाने में मदद मिली।’

गांगुली ने बताया कि विशेष ऑलराउंडर की भरपाई उन्‍होंने खिलाड़‍ियों पर जिम्‍मेदारी डालकर पूरी की। दादा ने कहा, ‘हमारे पास विशेष ऑलराउंडर नहीं था। इसलिए सहवाग, मैं, सचिन और युवी गेंदबाजी करते थे।’ गांगुली के मुताबिक प्रतिस्‍पर्धी टीम बनाने के लिए लचीलापन जरूरी है ना कि सबकी भूमिका तय हो।

टीम बनाने के लिए जरूरी था

सौरव गांगुली ने बताया कि अच्‍छी टीमों के पास ऑलराउंडर्स और विकेटकीपर बल्‍लेबाज थे, जिसकी तब हमारे पास कमी थी। तो वो जरूरी था टीम बनाने के लिए। द्रविड़ का वनडे करियर ना सिर्फ बचा, बल्कि उन्‍होंने सीमित ओवर प्रारूप में कीर्तिमानों की झड़ी लगाई। द्रविड़ को भारत के सर्वकालिक सर्वश्रेष्‍ठ बल्‍लेबाजों में से एक माना जाता है।

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