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क्रिकेट में ’11:11′ का चमत्कार! बीच मैच जब दर्शक एक पैर पर खड़े होने पर हुए थे मजबूर

 11:11 को दुनिया भर में कई लोग लकी नंबर मानते हैं, तो कुछ किस्मत बदलने वाला पल मानते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि ये एक ऐसा नंबर है जो क्रिकेट की दुनिया में अनलकी माना जाता है। इससे जुड़ा इतिहास भी हैरान कर देने वाला है। साल 2011 में एक ऐसा पल देखने को मिला था, जो शायद ही कभी दोबारा देखने को मिलेगा।

बात है 11 नवंबर साल 2011 की, जब क्रिकेट मैदान पर एक ऐसा संयोग बना कि हजारों दर्शक हैरान रह गए। ये मैच साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया (South Africa vs Australia 2011 match) का पहला टेस्ट मैच रहा, जो केपटाउन में खेला जा रहा था। इस मैच में अफ्रीकी खिलाड़ी जीत के लिए जोर लगा रहे थे और फैंस हर गेंद पर सांसें रोककर बैठे थे।

तभी स्टेडियम के स्कोरबोर्ड पर समय दिखा 11 बजकर 11 मिनट और उसी समय टीम को जीत के लिए 111 रन चाहए थे। सबसे हैरान करने वाली बात ये थी कि उस दिन तारीख भी 11-11-11 थी। मैदान पर मौजूद अंपायर इयान गूल्ड ने भी इस पल की गंभीरता को समझा और वो बीच मैच एक पैर पर खड़े होने लगे, जिसे नेल्सन नंबर का संकेत कहा जाता है।

क्या है नेल्सन नंबर?

दरअसल, 111 को नेल्सन नंबर (Nelson number 111 Cricket History) कहा जाता है, क्रिकेट में जिसे अशुभ माना जाता है। 111 का मतलब तीनों स्टंप्स खड़े हैं और उनपर बेल्स नहीं है। इसके पीछे की कहानी 1990 युद्ध के दौर की है, जहां कई ऐसे लोग थे, जो फेमस हुए जिनमे से एक थे लॉड नेल्सन। ये कहा जाता है कि युद्ध में लड़ते हुए अपनी एक आंख, एक हाथ और एक पैर गंवा बैठे थे और यहीं वजह है कि लोग इसे बुरा या अपशगुन मानते हैं। हालांकि, ये कहने वाली बातें है, क्योंकि ऐसा कुछ किताबों में नहीं था।

बता दें कि डेविड शेफर्ड नाम के अंपायर थे, जो क्रिकेट मैच के दौरान 111 नंबर के स्कोर के दौरान एक पैर पर खड़े हो जाते थे, ताकि कोई अनहोनी न हो। ऐसा ही उन्होंने 11 नवंबर 2011 को 11 बजकर 11 मिनट पर साउथ अफ्रीका-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट मैच में किया था। उन्हें देखकर स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शक खड़े हो गए और इस अद्भुत संयोग के गवाह बने।

किसने जीता मैच?

इस संयोग (weirdest moment in cricket history) के बाद साउथ अफ्रीका की टीम की ओर मैच मुड़ गया, जहां ग्रीम स्मिथ (101*) और हाशिम अमला (112) के शानदार शतकों की मदद से दक्षिण अफ्रीका ने ये मैच 8 विकेट से जीता। हालांकि सीरीज 1-1 के ड्रॉ पर रुकी।

आज भी इस मैच को सिर्फ साउथ अफ्रीका की जीत या कंगारूओं की हार के लिए नहीं याद किया जाता, बल्कि उस एक मिनट के लिए याद किया जाता है, जिसे क्रिकेट के इतिहास का सबसे अजीब संयोग माना जाता है।

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