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‘अब जीते नहीं, तो हाथ मलते रह जाओगे…’, लखनऊ की घर में अग्निपरीक्षा

इकाना स्टेडियम में रविवार को लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच बेहद अहम मुकाबला खेला जाएगा। अंक तालिका में नीचे से पहले और दूसरे स्थान पर मौजूद दोनों टीमों के लिए यह मैच काफी महत्वपूर्ण है।

घरेलू मैदान पर इस सीजन में एलएसजी का प्रदर्शन खराब रहा है, जिससे उस पर दबाव बढ़ा है। बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। हैदराबाद के विरुद्ध अर्धशतकीय पारी छोड़ दें तो कप्तान रिषभ पंत भी बल्ले से संघर्ष करते नजर आ रहे हैं, जबकि उपकप्तान निकोलस पूरन और एडन मार्करम भी इस बार बुरी तरह फ्लॉप रहे हैं।

प्‍लेऑफ के लिए जीत जरूरी

नॉकआउट में पहुंचने की उम्मीद को बरकरार रखने के लिए मेजबान टीम को केकेआर के विरुद्ध हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी, लेकिन इसके लिए शीर्षक्रम को मजबूत शुरुआत देनी होगी, ताकि मध्यक्रम टीम को बड़े स्कोर तक ले जा सके। आखिरी ओवरों में रन बनाने की क्षमता भी टीम की सफलता तय करेगी।

होम एडवांटेज नहीं ले पाया लखनऊ

लीग में जहां अधिकांश टीमें अपने घरेलू मैदान का भरपूर फायदा उठा रही हैं। वहीं लखनऊ के लिए ‘होम एडवांटेज’ इस बार भी उल्टा पड़ता नजर आ रहा है, जिससे उसकी प्लेआफ की डगर भी कठिन हो गई है। अब तक टीम इकाना में लगातार सात मैच हार चुकी है, जिसमें तीन मुकाबले मौजूदा सीजन के हैं।

पंत, पूरन और मार्करम पर निर्भर है लखनऊ

सीजन की शुरुआत में जिन खिलाड़‍ियों से तेज और निर्णायक पारियों की उम्मीद थी, वही अब लखनऊ के लिए दबाव का कारण बनते जा रहे हैं। निकोलस पूरन इस बार लय में नजर नहीं आए। आंकड़ों पर नजर डालें तो उन्होंने अब तक खेले गए सात मुकाबलों में 8.50 की औसत से कुल 73 रन बनाए हैं। मध्यक्रम में उनकी भूमिका बेहद अहम है, लेकिन बार-बार जल्दी आउट होना टीम की योजनाओं पर पानी फेर रहा है।

वहीं, कप्तान रिषभ पंत का बल्ला भी खामोश रहा है। टीम को उनसे न सिर्फ रन बनाने की, बल्कि पारी को संभालने और दिशा देने की भी उम्मीद रहती है। लेकिन, इस सीजन में वह बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं। कई मौकों पर वह अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पाए, जिससे टीम को नुकसान उठाना पड़ा। पंत ने सात मैचों में 21.57 की औसत से 147 रन बनाए हैं।

बदले को बेकरार केकेआर

यही हाल मार्करम का रहा है। टीम प्रबंधन के प्रयोग का असर उनकी बल्लेबाजी पर पड़ता नजर आ रहा है। उन्होंने भी इतने ही मुकाबलों में 27 की औसत से 162 रन जोड़े हैं। इसके अलावा आयुष बडोनी और मुकुल चौधरी के प्रदर्शन में भी निरंतरता की कमी देखी गई है। ऐसे में यदि एलएसजी को केकेआर के खिलाफ जीत दर्ज करना है तो शीर्षक्रम को बड़ी पारियां खेलनी होंगी।
इकाना में रिंकू का शानदार रिकॉर्ड

मौजूदा सीजन के पहले मैच में नौ अप्रैल को लखनऊ सुपर जायंट्स से कोलकाता नाइटराइडर्स को हार का सामना करना पड़ा था। उस मैच में मुकुल चौधरी ने आतिशी अर्धशतकीय पारी खेलकर लखनऊ को मुश्किल जीत दिलाई। ऐसे में रविवार को होने वाले मुकाबले में अजिंक्य रहाणे की टीम जीत से बदला चुकता करना चाहेगी।

पिछले मैच में बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज रिंकू सिंह ने धमाकेदार प्रदर्शन से केकेआर को जीत दिलाई। दरअसल, रिंकू सिंह के लिए इकाना स्टेडियम घरेलू मैदान है, क्योंकि वह यहां पिछले दो साल से लगातार यूपी टी-20 लीग खेल रहे हैं। लखनऊ के गेंदबाजों को उनसे बचकर रहना होगा।

इस प्रकार हैं टीमें

एलएसजी: रिषभ पंत (कप्तान), एडेन मार्करम, हिम्मत सिंह, मैथ्यू ब्रीट्जके, मुकुल चौधरी, अक्षत रघुवंशी, जोश इंग्लिस, मिचेल मार्श, अब्दुल समद, शाहबाज अहमद, अर्शिन कुलकर्णी, वानिंदु हसरंगा, आयुष बडोनी, मोहम्मद शमी, अवेश खान, एम सिद्धार्थ, दिग्वेश राठी, आकाश सिंह, प्रिंस यादव, अर्जुन तेंदुलकर, एनरिक नोर्ट्जे, नमन तिवारी, मयंक यादव, मोहसिन खान।

केकेआर: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), मनीष पांडे, रोवमैन पॉवेल, अंगकृष रघुवंशी, रमनदीप सिंह, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा, उमरान मलिक, वरुण चक्रवर्ती, कैमरन ग्रीन, मथीशा पथिराना, राहुल त्रिपाठी, टिम साइफर्ट, तेजस्वी दहिया, रचिन रवींद्र, आकाश दीप, ब्लेसिंग मुजराबानी, नवदीप सैनी, प्रशांत सोलंकी, फिन एलन, दक्ष कामरा, कार्तिक त्यागी, सार्थक रंजन, सौरभ दुबे।

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