<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>देश-विदेश &#8211; Fastball Files | Sports News &amp; More</title>
	<atom:link href="https://fastballfiles.com/NewsArticle/category/%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://fastballfiles.com</link>
	<description>Sports News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles</description>
	<lastBuildDate>Mon, 01 Jun 2026 12:32:26 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.5</generator>

<image>
	<url>https://fastballfiles.com/wp-content/uploads/2025/06/cropped-DEHATI-DUNIA-3-32x32.png</url>
	<title>देश-विदेश &#8211; Fastball Files | Sports News &amp; More</title>
	<link>https://fastballfiles.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>भारत-अमेरिका के बीच फाइनल ट्रेड डील पर आज से 4 दिवसीय बैठक</title>
		<link>https://fastballfiles.com/NewsArticle/162386/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Fastball Files]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 01 Jun 2026 12:32:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://fastballfiles.com/NewsArticle/162386/</guid>

					<description><![CDATA[अमेरिका और भारत के मुख्य व्यापार वार्ताकार अंतरिम व्यापार समझौते के ब्योरे को अंतिम रूप देने के मकसद से सोमवार से यहां चार दिवसीय बैठक करेंगे। अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा फरवरी में तय हुई थी। अमेरिकी दल का नेतृत्व उसके मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच करेंगे और भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन होंगे। जैन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="642" height="393" src="https://fastballfiles.com/wp-content/uploads/2026/06/1-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p>अमेरिका और भारत के मुख्य व्यापार वार्ताकार अंतरिम व्यापार समझौते के ब्योरे को अंतिम रूप देने के मकसद से सोमवार से यहां चार दिवसीय बैठक करेंगे। अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा फरवरी में तय हुई थी।</p>
<p>अमेरिकी दल का नेतृत्व उसके मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच करेंगे और भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन होंगे। जैन वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव हैं। उधर, भारत और ओमान के बीच एफटीए आज से लागू हो जाएगा। दोनों देश सोमवार को इस फैसले का औपचारिक एलान करेंगे।</p>
<p>वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, ‘दोनों पक्षों ने अंतरिम समझौते के ब्योरे को अंतिम रूप देने और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत बाजार पहुंच, गैर-शुल्क उपायों, सीमा शुल्क तथा व्यापार सुविधा, निवेश प्रोत्साहन और आर्थिक सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों पर बातचीत को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।’</p>
<h2 class="wp-block-heading">7 फरवरी को जताई थी सहमति</h2>
<p>भारत और अमेरिका ने सात फरवरी को एक संयुक्त बयान जारी कर पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार पर एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति व्यक्त की थी। अब दोनों पक्षों को इस समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देना होगा। इस रूपरेखा ने व्यापक भारत-अमेरिका बीटीए वार्ता के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।</p>
<h2 class="wp-block-heading">क्या क्या है रूपरेखा में?</h2>
<p>रूपरेखा के अनुसार, अमेरिका ने भारत पर शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई थी। उसने रूसी तेल खरीदने पर भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले 25 प्रतिशत शुल्क को हटा दिया था और समझौते के तहत शेष 25 प्रतिशत को घटाकर 18 प्रतिशत करना था। लेकिन, इस साल 20 फरवरी को अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक जवाबी शुल्क के खिलाफ फैसला सुनाया।</p>
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति ने 24 फरवरी से 150 दिन के लिए सभी देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की। इन बदलावों के मद्देनज़र, भारत और अमेरिका के मुख्य वार्ताकारों के बीच फरवरी में बैठक रखी गई थी, जो स्थगित कर दी गई थी। </p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>118 जहाजों का रास्ता बदला, 5 को समुद्र में ही किया निष्क्रिय</title>
		<link>https://fastballfiles.com/NewsArticle/162388/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Fastball Files]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 01 Jun 2026 12:32:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://fastballfiles.com/NewsArticle/162388/</guid>

					<description><![CDATA[ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना की समुद्री नाकेबंदी लगातार सख्त होती जा रही है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने घोषणा की है कि अमेरिकी सेनाओं ने ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाकर वाशिंगटन की सक्रिय नौसैनिक नाकाबंदी के तहत 118 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदल दिया और पांच जहाजों को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया। दरअसल, अमेरिकी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="715" height="397" src="https://fastballfiles.com/wp-content/uploads/2026/06/3-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async"></p>
<p>ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना की समुद्री नाकेबंदी लगातार सख्त होती जा रही है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने घोषणा की है कि अमेरिकी सेनाओं ने ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाकर वाशिंगटन की सक्रिय नौसैनिक नाकाबंदी के तहत 118 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदल दिया और पांच जहाजों को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया।</p>
<p>दरअसल, अमेरिकी सेनाओं ने 13 अप्रैल को ईरान की नौसैनिक नाकाबंदी शुरू की थी। CENTCOM ने रविवार को X पर एक पोस्ट में कहा, “US सेना ने 31 मई तक 118 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदल दिया है और 5 को रोक दिया है।”</p>
<p>इसे लागू करने के बाद, US सेंट्रल कमांड ने चेतावनी दी कि वे ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले और वहां से आने वाले सभी जहाजों की आवाजाही को रोकना जारी रखेंगे।</p>
<h2 class="wp-block-heading">राजनयिक मोर्चे पर भी बढ़ा सस्पेंस</h2>
<p>समुद्र में जारी इस आक्रामक कार्रवाई के बीच राजनयिक मोर्चे पर भी सस्पेंस बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ ‘लगभग फाइनल’ हो चुके अंतरिम समझौते के ड्राफ्ट को दोबारा संशोधन के लिए भेज दिया है। जिससे कूटनीतिक प्रक्रिया लंबी हो गई है और टकराव को रोकने के प्रयासों में नई अनिश्चितता आ गई है।</p>
<p>CNN के अनुसार, ट्रंप ने सलाहकारों के साथ एक बैठक के दौरान ईरान की परमाणु प्रतिबद्धताओं पर सख्त प्रावधानों और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने का अनुरोध किया। US राष्ट्रपति ने कथित तौर पर किसी भी समझौते के तहत तेहरान को दी जाने वाली वित्तीय राहत की सीमा पर भी चिंता व्यक्त की है, और ओबामा-युग के परमाणु समझौते के साथ तुलना से सावधान हैं, जिसकी उन्होंने बार-बार बहुत नरम होने के लिए आलोचना की है।</p>
<p>US अधिकारियों ने एक ऐसे समझौते की दिशा में प्रगति का संकेत दिया है जो लड़ाई को रोक देगा और होर्मुज को फिर से खोल देगा, साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे विस्तृत बातचीत की अनुमति देगा।</p>
<p>हालांकि, ट्रंप ने यह कहने के बावजूद भी शुक्रवार की बैठक के दौरान कहा कि अंतिम निर्णय लेंगे। लेकिन उससे पहले ट्रंप ने कुछ शर्ते बताते हुए कहा कि US ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के भंडार को जब्त कर लेगा और उसे नष्ट कर देगा, हालांकि ईरान लगातार कहता रहा है कि वह मौजूदा बातचीत के तहत अपने परमाणु कार्यक्रम के विवरण पर चर्चा नहीं कर रहा है।</p>
<p>ट्रंप ने यह भी कहा कि सौदे के हिस्से के तौर पर पैसे के लेन-देन पर कोई चर्चा नहीं हुई है, जबकि ईरान ने कहा है कि किसी भी समझौते में वित्तीय प्रावधान शामिल होने चाहिए। इन मतभेदों को कैसे सुलझाया जाएगा, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है, क्योंकि सौदे की शब्दावली पर बातचीत जारी है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भारत की अग्नि-6 पर सवाल उठा रहा था पाकिस्तानी पत्रकार, अमेरिकी रक्षा मंत्री ने दिया जवाब</title>
		<link>https://fastballfiles.com/NewsArticle/162356/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Fastball Files]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 May 2026 12:32:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://fastballfiles.com/NewsArticle/162356/</guid>

					<description><![CDATA[सिंगापुर में आयोजित तीन दिवसीय शांगरी-ला डायलॉग (एशिया सुरक्षा शिखर सम्मेलन) में अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ से एक पाकिस्तानी पत्रकार ने भारत के अग्नि-6 आईसीबीएम मिसाइल कार्यक्रम को लेकर सवाल पूछा। पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने हेगसेथ से पूछा कि वे भारत की लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता को कैसे आंकते हैं खासतौर पर अग्नि-6 आईसीबीएम &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="699" height="389" src="https://fastballfiles.com/wp-content/uploads/2026/05/4-21.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p>सिंगापुर में आयोजित तीन दिवसीय शांगरी-ला डायलॉग (एशिया सुरक्षा शिखर सम्मेलन) में अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ से एक पाकिस्तानी पत्रकार ने भारत के अग्नि-6 आईसीबीएम मिसाइल कार्यक्रम को लेकर सवाल पूछा।</p>
<p>पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने हेगसेथ से पूछा कि वे भारत की लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता को कैसे आंकते हैं खासतौर पर अग्नि-6 आईसीबीएम के हालिया परीक्षण के संदर्भ में, जिसकी मारक क्षमता लगभग 12,000 किलोमीटर बताई जा रही है और जो यूरोप व अमेरिका के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकती है।</p>
<h4 class="wp-block-heading">हेगसेथ का चतुर जवाब</h4>
<p>हेगसेथ ने न तो भारत को और न ही पाकिस्तान को अमेरिका के लिए मिसाइल खतरा बताया जबकि मार्च में अमेरिकी खुफिया समुदाय की एक रिपोर्ट में पाकिस्तान के लंबी दूरी के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को अमेरिकी भूमि के लिए संभावित खतरा बताया गया था। हेगसेथ ने कहा कि वे इस मामले में किसी भी देश पर “उंगली नहीं उठा रहे।”</p>
<h4 class="wp-block-heading">भारत की तारीफ</h4>
<p>हेगसेथ ने शांगरी-ला डायलॉग में भारत की बढ़ती सैन्य ताकत की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत एक शक्तिशाली देश है जो अपनी सेना का आधुनिकीकरण कर रहा है और उन्नत सैन्य अभियानों के लिए अपनी औद्योगिक व लॉजिस्टिक क्षमताओं का विस्तार कर रहा है।</p>
<h4 class="wp-block-heading">पाकिस्तान को भी साधा</h4>
<p>हेगसेथ ने ट्रंप और पाकिस्तानी नेतृत्व के बीच संबंधों को “एक अप्रत्याशित घटनाक्रम और एक सच्ची दोस्ती” बताया। उन्होंने अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका की भी सराहना की।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>22 वर्षीय सानिका ने एवरेस्ट चढ़ाई से पहले बेस कैंप पर किया भरतनाट्यम</title>
		<link>https://fastballfiles.com/NewsArticle/162358/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Fastball Files]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 May 2026 12:32:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://fastballfiles.com/NewsArticle/162358/</guid>

					<description><![CDATA[मुलुंड के घर में माउंट एवरेस्ट के पोस्टर के ऊपर प्रार्थना के झंडे लहरा रहे हैं। पास ही एक ड्रीमकैचर और व्हाइटबोर्ड टंगा है, जिस पर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी के कोऑर्डिनेट्स लिखे हैं। सानिका शाह कहती हैं कि मैंने एवरेस्ट के सपने को सच कर दिखाया। जब वह महज 17 साल की थीं, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="708" height="404" src="https://fastballfiles.com/wp-content/uploads/2026/05/6-27.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p>मुलुंड के घर में माउंट एवरेस्ट के पोस्टर के ऊपर प्रार्थना के झंडे लहरा रहे हैं। पास ही एक ड्रीमकैचर और व्हाइटबोर्ड टंगा है, जिस पर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी के कोऑर्डिनेट्स लिखे हैं। सानिका शाह कहती हैं कि मैंने एवरेस्ट के सपने को सच कर दिखाया। जब वह महज 17 साल की थीं, तब उन्होंने अपनी डायरी में लिखा था कि एक दिन एवरेस्ट पर जरूर चढ़ेंगी।</p>
<p>छह साल बाद सानिका न केवल सागरमाथा पर अपना 22वां जन्मदिन मनाकर लौटी हैं, बल्कि उन्होंने इसके शिखर पर भी फतह हासिल कर ली है। बीती 20 मई को, फिल्म स्कूल की इस शांत स्वभाव वाली ग्रेजुएट ने 8848.86 मीटर की ऊंचाई पर तिरंगा फहराया और सेल्फी ली।</p>
<p>इस सीजन के सैकड़ों अन्य पर्वतारोहियों की तरह शिखर के पास उन्हें भी भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा, लेकिन जिस बात ने उन्हें सबसे अलग बनाया, वह था एवरेस्ट बेस कैंप का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।</p>
<h2 class="wp-block-heading">5,300 मीटर की ऊंचाई पर भरतनाट्यम</h2>
<p>शिखर की ओर बढ़ने से पहले, 5,300 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर चलना भी आपको बेदम कर देता है, सानिका ने बर्फ की उबड़-खाबड़ जमीन पर एक मैट बिछाई। चार साल की उम्र से भरतनाट्यम सीख रहीं सानिका ने अपनी नीली पोशाक, गजरा और मंदिर के आभूषण पहने और नृत्य किया।</p>
<p>सानिका बताती हैं कि मैंने बहुत पहले ही तय कर लिया था कि जब भी मैं बेस कैंप पहुंचूंगी, मैं सागरमाथा को एक भेंट के रूप में भरतनाट्यम समर्पित करूंगी। तेज हवाओं और कड़ाके की ठंड में मेरा शरीर संघर्ष कर रहा था, लेकिन भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से, मैं उस पल में खुद को बेहद जुड़ा हुआ महसूस कर रही थी।</p>
<h2 class="wp-block-heading">लॉकडाउन के दौरान जागा पर्वतारोहण का शौक</h2>
<p>बचपन से ही डांस और एक्टिंग सानिका की दुनिया थे। लेकिन 2020 में लॉकडाउन के दौरान, उनका रुझान पर्वतारोहण की तरफ बढ़ा। उन्होंने 1996 की एवरेस्ट त्रासदी पर आधारित 2015 की फिल्म एवरेस्ट देखी। वह कहती हैं कि वह पहाड़ बहुत डरावना लेकिन बेहद खूबसूरत लग रहा था। इसके तुरंत बाद उन्होंने अपनी डायरी में एवरेस्ट चढ़ने का संकल्प लिखा।</p>
<p>इसके बाद कड़ी ट्रेनिंग शुरू हुई। वे सीढ़ियों पर दौड़तीं और अपने फिटनेस कोच पार्थ उपाध्याय के साथ पश्चिमी घाट की पहाड़ियों पर चढ़ाई का अभ्यास करती थीं। पार्थ खुद 2019 में तिब्बत की बेहद कठिन तरफ से एवरेस्ट फतह कर चुके हैं।</p>
<h2 class="wp-block-heading">सपनों के लिए कड़ी मेहनत</h2>
<p>फिल्म स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ अपने अलग-अलग पैशन के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं था। उनके इंस्टाग्राम पेज पर घाघरे में डांस रील्स से लेकर ट्रेकिंग गियर और हाइकिंग स्टिक के साथ उनके वीडियो तक का सफर बेहद सहज दिखता है।</p>
<p>उनकी ट्रेनिंग के लिए उनके शिक्षकों ने उन्हें रिहर्सल से जल्दी जाने की अनुमति दी, जबकि उनके माता-पिता ने इस सपने को पूरा करने के लिए पैसे जुटाए। इस सीजन में नेपाल द्वारा एवरेस्ट परमिट फीस बढ़ाए जाने के बाद इस अभियान की लागत 50 लाख रुपये से काफी अधिक रही।</p>
<p>तैयारी के दिनों में रात 1 बजे मुलुंड से प्रभादेवी के सिद्धिविनायक मंदिर तक दौड़ लगाती थीं। एवरेस्ट से पहले उन्होंने माउंट एल्ब्रस और माउंट किलिमंजारो पर भी चढ़ाई की थी। लेकिन पिछले साल अक्टूबर में नेपाल के अन्नपूर्णा क्षेत्र में स्थित 7216 मीटर ऊंचे हिमलुंग हिमाल की चढ़ाई ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे इस दुनिया के लिए बनी हैं। हिमलुंग हिमाल फतह करने वाली वे सबसे कम उम्र की भारतीय और पहली भारतीय महिला बनीं।</p>
<h2 class="wp-block-heading">एवरेस्ट की डरावनी रातें</h2>
<p>एवरेस्ट बेस कैंप पर टेंटों में खाना खाते और बर्फीले तूफानों के दौरान फिल्में देखते हुए दिन बीत रहे थे। इसी बीच 12 मई को जब वे 22 साल की हुईं, तो उन्हें अकेलेपन का सामना करना पड़ा। सानिका कहती हैं कि वह पहला दिन था जब मुझ पर भावनात्मक बोझ हावी हुआ। मुझे अपने परिवार की बहुत याद आ रही थी। रात में पहाड़ों में गूंजने वाले हिमस्खलन की आवाजें आज भी उन्हें डरा देती हैं।</p>
<p>शिखर की ओर बढ़ते कदम भी उम्मीद से कहीं ज्यादा कठिन साबित हुए, क्योंकि उस समय उनके पीरियड्स चल रहे थे। वे बताती हैं कि मैं महसूस कर सकती थी कि मेरा शरीर अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा है। लेकिन मैंने इसे कभी किसी बदनसीबी की तरह नहीं देखा। यह एक महिला होने का हिस्सा है।</p>
<h2 class="wp-block-heading">जब शेरपा ने बचाई जान</h2>
<p>शिखर से नीचे उतरने के तुरंत बाद सानिका बेहोश हो गईं। ठंड की वजह से उनके ऑक्सीजन मास्क के अंदर बर्फ जम गई थी, जिससे हवा का रास्ता ब्लॉक हो गया था। उनके शेरपा गाइड लक्पा तेनजेन शेरपा ने तुरंत अपना मास्क हटाकर उनके चेहरे पर लगा दिया। सानिका भावुक होकर कहती हैं कि अगर लक्पा शेरपा न होते, तो आज मैं यहाँ सुरक्षित नहीं खड़ी होती।</p>
<p>उसी दौरान 20 और 21 मई को एवरेस्ट पर दो भारतीय पर्वतारोहियों की मौत हो गई, जिनमें से एक को सानिका व्यक्तिगत रूप से जानती थीं। उन्होंने कहा कि वह खबर सुनकर मैं टूट गई थी। लेकिन उतनी ऊंचाई पर आपको मानसिक रूप से शांत रहना पड़ता है, क्योंकि खुद को सुरक्षित नीचे लाना ही आपकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।</p>
<p>सानिका 21 मई को सुबह 3.30 बजे बेहद थकी हुई हालत में बेस कैंप वापस लौटीं। एयरपोर्ट पर माता-पिता और कोच को गले लगाकर रो पड़ीं।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>3D बायोप्रिंटिंग से बनेंगे इंसानी अंग, जीन थेरेपी से रुकेगा बुढ़ापा</title>
		<link>https://fastballfiles.com/NewsArticle/162360/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Fastball Files]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 May 2026 12:32:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://fastballfiles.com/NewsArticle/162360/</guid>

					<description><![CDATA[रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 73 वर्षीय पुतिन खुद को 120 साल तक जीवित रखने और बढ़ती उम्र को रोकने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी और गुप्त वैज्ञानिक अभियान पर काम कर रहे हैं। इस अमरत्व प्रोजेक्ट का कुल बजट करीब 2.15 लाख करोड़ रुपये आंका गया &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="694" height="400" src="https://fastballfiles.com/wp-content/uploads/2026/05/6-28.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p>रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 73 वर्षीय पुतिन खुद को 120 साल तक जीवित रखने और बढ़ती उम्र को रोकने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी और गुप्त वैज्ञानिक अभियान पर काम कर रहे हैं। इस अमरत्व प्रोजेक्ट का कुल बजट करीब 2.15 लाख करोड़ रुपये आंका गया है।</p>
<p>इसके तहत आधुनिकतम 3D बायोप्रिंटिंग तकनीक से मानव अंग तैयार किए जा रहे हैं और बुढ़ापे को मात देने के लिए जीन थेरेपी का सहारा लिया जा रहा है।</p>
<h2 class="wp-block-heading">शी जिनपिंग के कान में कही थी अमरत्व की बात</h2>
<p>इस पूरे रहस्य की शुरुआत पिछले साल बीजिंग में आयोजित एक सैन्य परेड के दौरान हुई थी। उस वक्त व्लादिमीर पुतिन ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के कान में बेहद धीमी आवाज में कहा था कि इंसान अपने खराब हो चुके अंगों को बदलकर अमरता प्राप्त कर सकता है।</p>
<p>उस समय वैश्विक समुदाय ने इसे दो वरिष्ठ नेताओं के बीच की एक सामान्य सी बातचीत मानकर टाल दिया था, लेकिन हाल ही में उजागर हुए कुछ बेहद गोपनीय दस्तावेजों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि पुतिन वास्तव में इस पर गंभीरता से काम कर रहे हैं।</p>
<h2 class="wp-block-heading">न्यू हेल्थ प्रिजर्वेशन टेक्नोलॉजीज</h2>
<p>पुतिन और उनके बेहद करीबी मंत्रियों व सहयोगियों की ढलती उम्र को रोकने के उद्देश्य से इस राष्ट्रीय परियोजना को संचालित किया जा रहा है, जिसे न्यू हेल्थ प्रिजर्वेशन टेक्नोलॉजीज नाम दिया गया है।</p>
<p>इस बेहद खास और संवेदनशील मिशन की कमान पुतिन की डॉक्टर बेटी मारिया वोरोत्सोवा और उनके सबसे विश्वासपात्र वैज्ञानिक मिखाइल कोवलचुक के हाथों में है।</p>
<p>पुतिन का लक्ष्य साल 2030 तक रूसी वैज्ञानिकों से ऐसे कृत्रिम या जैविक रूप से विकसित मानव अंग तैयार कराना है, जिन्हें जरूरत पड़ने पर बूढ़े हो चुके शरीर के अंगों से आसानी से बदला जा सके।</p>
<h2 class="wp-block-heading">माइनस 112 डिग्री में स्नान</h2>
<p>खुद को हमेशा युवा और चुस्त बनाए रखने के लिए पुतिन बेहद कड़े और अजीबोगरीब उपायों का पालन करते हैं।</p>
<p><strong>क्रायोथेरेपी:</strong> पुतिन खुद को चुस्त रखने के लिए इस थेरेपी का इस्तेमाल करते हैं। साल 2018 में ऑस्ट्रिया के चांसलर सेबेस्टियन कुर्ज के साथ एक आधिकारिक बैठक में पुतिन ने उन्हें भी यह सलाह दी थी कि शरीर को फिट रखने के लिए बिना कपड़ों के माइनस 112 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले चेंबर में खड़ा रहना चाहिए।</p>
<p><strong>बछड़े के टिशू से बनी दवाएं:</strong> रूस के दिवंगत गेरेंटोलॉजिस्ट व्लादिमीर खाविंसन, पुतिन को बछड़ों के टिशू से तैयार खास पेप्टाइड्स दवाएं देते थे। उनका दावा था कि इसकी मदद से कोई भी इंसान 120 साल तक की लंबी जिंदगी जी सकता है।</p>
<p><strong>रूस में औसत उम्र की स्थिति:</strong> गौरतलब है कि रूस में आम पुरुषों की औसत आयु मात्र 68 वर्ष है, जो कि अमेरिका (76 वर्ष) और यूरोप (80 वर्ष) की तुलना में काफी कम है।</p>
<h2 class="wp-block-heading">मिनी-पिग्स का इस्तेमाल</h2>
<p>इस प्रोजेक्ट के तहत रूसी सरकारी विज्ञान एजेंसियों के विशेषज्ञों ने चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में कुछ बड़ी सफलताएं हासिल करने का दावा किया है।</p>
<p><strong>लैब में तैयार अंग:</strong> वैज्ञानिकों ने 3D बायोप्रिंटिंग तकनीक के जरिए प्रयोगशाला में चूहों की थायराइड ग्रंथि (Thyroid Gland) और इंसानी कार्टिलेज को सफलतापूर्वक उगाने में कामयाबी पाई है।</p>
<p><strong>मिनी-पिग्स:</strong> रूसी वैज्ञानिकों का अगला बड़ा लक्ष्य मिनी-पिग्स के शरीर का उपयोग करना है। आनुवंशिक रूप से इंसानों से मेल खाने वाले इन जीवों के भीतर इंसानी लिवर, किडनी और दिल को विकसित किया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर पुतिन और उनके खास मंत्रियों के अंगों को ट्रांसप्लांट किया जा सके।</p>
<p>उम्र रोकने वाली जीन-थेरेपी: रूस के उप-विज्ञान मंत्री डेनिस सेकिरिंस्की ने हाल ही में आधिकारिक घोषणा की है कि उनके वैज्ञानिक एक ऐसी जीन-थेरेपी पर तेजी से काम कर रहे हैं, जो मानव कोशिकाओं के बूढ़े होने की गति को बेहद धीमा कर देगी।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>फ्रांस: PSG के चैंपियंस लीग जीत के जश्न के दौरान झड़प, 416 लोग हिरासत में</title>
		<link>https://fastballfiles.com/NewsArticle/162362/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Fastball Files]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 May 2026 12:32:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://fastballfiles.com/NewsArticle/162362/</guid>

					<description><![CDATA[पेरिस सेंट-जर्मेन के चैंपियंस लीग जीतने के बाद हुए जश्न के हिंसक रूप लेने पर पूरे फ्रांस में 400 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया और सात पुलिस अधिकारी घायल हो गए। फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, बुडापेस्ट में चैंपियंस लीग के फाइनल में PSG की जीत के बाद पुलिस और समर्थकों के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="727" height="396" src="https://fastballfiles.com/wp-content/uploads/2026/05/2-27.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async"></p>
<p>पेरिस सेंट-जर्मेन के चैंपियंस लीग जीतने के बाद हुए जश्न के हिंसक रूप लेने पर पूरे फ्रांस में 400 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया और सात पुलिस अधिकारी घायल हो गए।</p>
<p>फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, बुडापेस्ट में चैंपियंस लीग के फाइनल में PSG की जीत के बाद पुलिस और समर्थकों के बीच झड़पें में पूरे देश में 416 लोगों को हिरासत में लिया गया, इनमें से 283 लोग पेरिस के थे।</p>
<p>गृह मंत्री लॉरेंट नूनेज ने बताया कि इस अशांति के दौरान सात पुलिस अधिकारी घायल हुए और उन्होंने इस हिंसा को बिल्कुल भी स्वीकार न करने लायक बताया।</p>
<h2 class="wp-block-heading">सुरक्षा इंतजामों के बावजूद घटना</h2>
<p>फ्रांसीसी अधिकारियों ने मैच के लिए पूरे देश में लगभग 22,000 पुलिस अधिकारियों को तैनात किया था, जिनमें से 8000 पेरिस में थे।</p>
<p>कई मेट्रो स्टेशनों, ट्राम लाइनों और बस मार्गों को बंद करने जैसे व्यापक सुरक्षा उपायों के बावजूद पेरिस में भारी भीड़ जमा हो गई।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि PSG की रोमांचक पेनल्टी शूटआउट जीत के बाद लगभग 20,000 समर्थक चैंप्स-एलिसीज पर जमा हो गए। इस दौरान हुई गड़बड़ी में छह वाहनों और दो दुकानों को नुकसान पहुंचा।</p>
<p>समर्थकों के एक समूह ने पेरिस की रिंग रोड पर भी कुछ समय के लिए ट्रैफिक रोक दिया और इस दौरान उन्होंने फ्लेयर्स जलाए,जिसे पेरिफेरिक के नाम से जाना जाता है।</p>
<p>PSG के पार्क डेस प्रिंसेस स्टेडियम के बाहर हजारों लोगों के जमा होने के बाद झड़पें शुरू हो गई, क्योंकि हजारों लोगों ने बड़ी स्क्रीन पर फाइनल मैच देख रहे थे। पुलिस ने बताया कि लगभग 150 लोगों ने स्टेडियम के एक गेट से अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें पीछे धकेल दिया।</p>
<h2 class="wp-block-heading">पत्थर और पटाखे फेंके गए</h2>
<p>अधिकारियों ने यह भी बताया कि स्टेडियम के पास पुलिस पर पत्थर और पटाखे फेंके गए, जिसके जवाब में पुलिस अधिकारियों को आंसू गैस छोड़नी पड़ी। उस इलाके में एक बेकरी और एक रेस्टोरेंट को नुकसान पहुंचा, जबकि किराए की साइकिलों का इस्तेमाल करके बैरिकेड लगाने की कोशिशों को पुलिस ने तुरंत हटा दिया।</p>
<p>मैच से पहले, चैंप्स-एलिसीज के आस-पास के कारोबारियों ने अपनी खिड़कियों पर तख्ते लगा दिए थे, ताकि पिछले साल PSG की चैंपियंस लीग में जीत के बाद हुई अशांति जैसी घटना दोबारा न हो। शनिवार रात के ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने लगभग 100 पटाखे और दो दर्जन फ्लेयर जब्त किए, जबकि उस सड़क के पास एक बस शेल्टर को तोड़ दिया गया।</p>
<p>इस हिंसा की धुर-दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन ने आलोचना की। उन्होंने X पर लिखा कि “सिर्फ फ्रांस में ही किसी फुटबॉल क्लब की जीत के बाद दंगे भड़कते हैं।</p>
<h2 class="wp-block-heading">सुरक्षा इंतजामों का बचाव</h2>
<p>नुनेज ने सुरक्षा इंतजामों का बचाव करते हुए कहा कि हिंसा को रोकने के लिए बहुत ही मजबूत और ठोस व्यवस्था की गई थी। PSG के खिलाड़ियों के रविवार को एफिल टॉवर के पास होने वाली जीत की परेड में हिस्सा लेने की उम्मीद है।</p>
<p>इस परेड में लगभग 100,000 समर्थकों के जुटने का अनुमान है। इसके बाद, फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों एलिसी पैलेस में खिलाड़ियों का स्वागत करेंगे।</p>
<h2 class="wp-block-heading">मुकाबले का हाल</h2>
<p>पीएसजी ने शनिवार को पुस्कास एरेना में खेले गए रोमांचक फाइनल में आर्सेनल को पेनाल्टी शूटआउट में हराकर लगातार दूसरी बार चैंपियंस लीग का खिताब अपने नाम कर लिया। आर्सेनल के डिफेंडर गैब्रियल मगालहेस अपनी टीम की आखिरी पेनाल्टी को गोलपोस्ट के ऊपर मार बैठे, जिससे पीएसजी को 4-3 से जीत मिल गई।</p>
<p>निर्धारित 90 मिनट और अतिरिक्त समय के बाद मुकाबला 1-1 की बराबरी पर रहा, जिसके बाद विजेता का फैसला पेनाल्टी शूटआउट से हुआ।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>वैश्विक मंदी के बीच राहत की खबर: भारत बना रहेगा मजबूत अर्थव्यवस्था</title>
		<link>https://fastballfiles.com/NewsArticle/162306/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Fastball Files]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 May 2026 12:33:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://fastballfiles.com/NewsArticle/162306/</guid>

					<description><![CDATA[दुनियाभर के मुख्य अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि अगले एक साल में वैश्विक आर्थिक विकास धीमा होगा, लेकिन भारत एक ऐसे क्षेत्र के तौर पर सबसे अलग है जहां विकास की उम्मीदें सबसे ज्यादा हैं। वर्ल्ड इकोनमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) ने गुरुवार को एक सर्वे में यह बात कही। अपने ताजा ‘चीफ इकोनमिस्ट्स आउटलुक’ में डब्ल्यूईएफ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="722" height="410" src="https://fastballfiles.com/wp-content/uploads/2026/05/12-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://fastballfiles.com/wp-content/uploads/2026/05/12-2.jpg 722w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/12-2-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 722px) 100vw, 722px"></p>
<p>दुनियाभर के मुख्य अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि अगले एक साल में वैश्विक आर्थिक विकास धीमा होगा, लेकिन भारत एक ऐसे क्षेत्र के तौर पर सबसे अलग है जहां विकास की उम्मीदें सबसे ज्यादा हैं। वर्ल्ड इकोनमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) ने गुरुवार को एक सर्वे में यह बात कही।</p>
<p>अपने ताजा ‘चीफ इकोनमिस्ट्स आउटलुक’ में डब्ल्यूईएफ ने कहा कि सर्वे में शामिल लगभग दस में से नौ मुख्य अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि आने वाले साल में वैश्विक विकास धीमा होगा। हालांकि, सिर्फ 13 प्रतिशत लोगों को लगता है कि वैश्विक मंदी आ सकती है।</p>
<p>सर्वे के मुताबिक, 94 प्रतिशत लोगों को उम्मीद है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से वैश्विक महंगाई बढ़ेगी, जिससे ऊर्जा और खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ेंगी और सप्लाई चेन में रुकावट आएगी।</p>
<p>मुख्य अर्थशास्त्रियों ने स्ट्रेट आफ होर्मुज के मौजूदा समय तक बंद रहने की स्थिति को पिछले साल की टैरिफ (शुल्क) से जुड़ी उथल-पुथल के मुकाबले कहीं ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाला बताया है।</p>
<p>सर्वे में कहा गया है कि इस संकट का सबसे ज्यादा असर पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्रों पर पड़ने की उम्मीद है। इसके विपरीत भारत और अमेरिका के घरेलू मांग और निवेश के सहारे अपेक्षाकृत मजबूत बने रहने की उम्मीद है।</p>
<p>भारत के बारे में, सर्वे में कहा गया है कि देश की विकास संभावनाएं लगातार सबसे अलग और बेहतर बनी हुई हैं। सर्वे में 2026-27 में भारत की विकास दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>NEET-UG परीक्षा में पहली बार सशस्त्र बलों की मदद लेगी केंद्र सरकार</title>
		<link>https://fastballfiles.com/NewsArticle/162308/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Fastball Files]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 May 2026 12:33:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://fastballfiles.com/NewsArticle/162308/</guid>

					<description><![CDATA[NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के आरोपों के बाद रद हुई परीक्षा को दोबारा सुरक्षित तरीके से आयोजित कराने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। आगामी 21 जून को होने वाले NEET-UG री-एग्जाम के सुरक्षित और त्रुटिहीन संचालन के लिए सरकार भारतीय सशस्त्र बलों (सेना और वायुसेना) की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="707" height="394" src="https://fastballfiles.com/wp-content/uploads/2026/05/1-17.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p>NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के आरोपों के बाद रद हुई परीक्षा को दोबारा सुरक्षित तरीके से आयोजित कराने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है।</p>
<p>आगामी 21 जून को होने वाले NEET-UG री-एग्जाम के सुरक्षित और त्रुटिहीन संचालन के लिए सरकार भारतीय सशस्त्र बलों (सेना और वायुसेना) की मदद लेने पर विचार कर रही है। देश के किसी भी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के इतिहास में यह पहली बार होगा जब सैन्य बलों को इसके लॉजिस्टिक्स से जोड़ा जाएगा।</p>
<h4 class="wp-block-heading"><strong>हाई-लेवल मीटिंग में बनी रणनीति</strong></h4>
<p>इस संबंध में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर गुरुवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, कई वरिष्ठ मंत्री और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) व शिक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान प्रश्नपत्र तैयार करने, उनकी छपाई, परिवहन, सुरक्षा और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित रूप से पहुंचाने की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की गई।</p>
<h4 class="wp-block-heading"><strong>क्या होगी सशस्त्र बलों की भूमिका?</strong></h4>
<p>एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 22 लाख से अधिक छात्रों वाली इस परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के पूरा करने के लिए विभिन्न मंत्रालयों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। बलों की भूमिका को लेकर निम्नलिखित योजना बनाई गई है:</p>
<p>लॉजिस्टिक्स और परिवहन: देश भर के केंद्रों पर प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से पहुंचाने में थल सेना की मदद ली जा सकती है।</p>
<p>खराब मौसम से निपटने में वायुसेना: परीक्षा के समय को देखते हुए, यदि बारिश, आंधी या तूफान जैसी प्रतिकूल मौसम की स्थिति बनती है, तो भारतीय वायुसेना के विमानों का उपयोग प्रश्नपत्रों की तत्काल डिलीवरी के लिए किया जाएगा।</p>
<p>केवल लॉजिस्टिक्स तक सीमित: यह स्पष्ट किया गया है कि सशस्त्र बलों की भूमिका केवल लॉजिस्टिक्स समन्वय, सुरक्षित परिवहन और मौसम से जुड़ी आपातकालीन स्थितियों तक ही सीमित रहेगी। वे परीक्षा की निगरानी का काम नहीं करेंगे।</p>
<h4 class="wp-block-heading"><strong>अन्य मंत्रालयों का भी मिलेगा साथ</strong></h4>
<p>सिर्फ सेना ही नहीं, बल्कि गृह मंत्रालय, राज्य सरकारें, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, डाक विभाग, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और विदेश मंत्रालय भी 21 जून को होने वाली इस री-परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सहयोग दे रहे हैं।</p>
<p>वही दूसरी ओर, केंद्रीय जांच ब्यूरो मूल NEET-UG परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है और इस पेपर लीक मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>LAC पर शांति बनाए रखने पर भारत-चीन सहमत</title>
		<link>https://fastballfiles.com/NewsArticle/162310/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Fastball Files]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 May 2026 12:33:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://fastballfiles.com/NewsArticle/162310/</guid>

					<description><![CDATA[भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति को लेकर बुधवार को बीजिंग में ‘भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्यकारी तंत्र’ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दोनों पक्षों के बीच “रचनात्मक” और “भविष्योन्मुखी” बातचीत हुई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="726" height="392" src="https://fastballfiles.com/wp-content/uploads/2026/05/5-36-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p>भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति को लेकर बुधवार को बीजिंग में ‘भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्यकारी तंत्र’ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।</p>
<p>इस बैठक में दोनों पक्षों के बीच “रचनात्मक” और “भविष्योन्मुखी” बातचीत हुई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना ही द्विपक्षीय संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने का मुख्य आधार है।</p>
<h4 class="wp-block-heading"><strong>2020 में गलवान घाटी में हुई थी हिंसक झड़प</strong></h4>
<p>वर्ष 2020 में गलवन घाटी में हुई हिंसक झड़प और उसके बाद चार साल से अधिक समय तक चले सैन्य गतिरोध के बाद, पिछले एक साल में दोनों देशों ने संबंधों को सुधारने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा पर शांति बनाए रखने में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।</p>
<p>इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) सुजीत घोष ने किया, जबकि चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चीनी विदेश मंत्रालय के सीमा एवं समुद्री मामलों के विभाग के महानिदेशक हाऊ यानकी ने किया।</p>
<p>इस बैठक के दौरान भारत और चीन अगले दौर की ‘विशेष प्रतिनिधियों’ की बैठक के लिए “ठोस तैयारी” करने पर सहमत हुए, जो कि चीन में आयोजित होने वाली है। इससे पहले अगस्त 2025 में, भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच नई दिल्ली में विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता हुई थी, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए थे।</p>
<h4 class="wp-block-heading"><strong>भारत-चीन संबंध</strong></h4>
<p>इस बार कार्यकारी तंत्र की बैठक में दोनों देशों ने सीमांकन, सीमा प्रबंधन, संस्थागत तंत्र के निर्माण और सीमा पार सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही, भारतीय पक्ष ने सीमा पार से बहने वाली नदियों पर विशेषज्ञ-स्तरीय तंत्र की अगली बैठक जल्द बुलाने पर विशेष जोर दिया।</p>
<p>दोनों देश राजनयिक और सैन्य स्तर पर नियमित संपर्क बनाए रखने के लिए पूरी तरह सहमत दिखे। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश अपने तनावपूर्ण संबंधों को पूरी तरह से रीसेट करने का प्रयास कर रहे हैं।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>UN से भिड़ा इजरायल… गुटेरेस से तोड़े सभी आधिकारिक संबंध</title>
		<link>https://fastballfiles.com/NewsArticle/162312/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Fastball Files]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 May 2026 12:33:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://fastballfiles.com/NewsArticle/162312/</guid>

					<description><![CDATA[इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस के साथ सभी आधिकारिक संपर्क समाप्त करने की घोषणा की है। इजरायल ने यह कदम युद्ध क्षेत्रों में यौन हिंसा के आरोपों को लेकर संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की एक सूची में उसका नाम शामिल किए जाने पर नाराजगी जताते हुए उठाया है। एपी के अनुसार, यूएन में इजरायल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="681" height="402" src="https://fastballfiles.com/wp-content/uploads/2026/05/7-18.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async"></p>
<p>इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस के साथ सभी आधिकारिक संपर्क समाप्त करने की घोषणा की है। इजरायल ने यह कदम युद्ध क्षेत्रों में यौन हिंसा के आरोपों को लेकर संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की एक सूची में उसका नाम शामिल किए जाने पर नाराजगी जताते हुए उठाया है।</p>
<p>एपी के अनुसार, यूएन में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने गुरुवार को एक्स पर जारी वीडियो संदेश में कहा, “हम महासचिव के साथ काम खत्म कर चुके हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि यूएन ने इजरायल के खिलाफ पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है।</p>
<h2 class="wp-block-heading">डैनन ने क्या कहा?</h2>
<p>डैनन ने कहा कि इजरायल को युद्ध क्षेत्रों में यौन हिंसा से जुड़े आरोपों के आधार पर ब्लैकलिस्ट किया जाना बेहद अपमानजनक और अस्वीकार्य है। उनका कहना था कि यूएन इजरायल की सुरक्षा चुनौतियों और हमास के हमलों की वास्तविकता को नजरअंदाज कर रहा है।यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब गाजा युद्ध को लेकर इजरायल और यूएन के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है।</p>
<p>गाजा में मानवीय संकट, नागरिकों की मौत और राहत सहायता में बाधाओं को लेकर यूएन लगातार चिंता जताता रहा है, जबकि इजरायल संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों पर पक्षपात के आरोप लगाता रहा है।संयुक्त राष्ट्र महासचिव कार्यालय की ओर से फिलहाल इजरायल की इस घोषणा पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।</p>
<p>हालांकि कूटनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि इस कदम से संयुक्त राष्ट्र और इजरायल के संबंधों में तनाव और बढ़ सकता है।दक्षिणी लेबनान के छह कस्बों को खाली करने का आदेशरायटर के अनुसार, इजरायली सैन्य कार्रवाई में लेबनान की राजधानी बेरूत में 14 लोगों की मौत हो गई।</p>
<p>इजरायली सेना (आईडीएफ) ने दक्षिणी लेबनान के छह कस्बों और गांवों के निवासियों को तत्काल क्षेत्र खाली करने का आदेश दिया है। सेना ने दावा किया कि हिजबुल्ला द्वारा युद्धविराम समझौते के उल्लंघन के कारण उसे कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।</p>
<h2 class="wp-block-heading">इजरायली सेना ने क्या कहा?</h2>
<p>इजरायली सेना के प्रवक्ता ने एक्स पर जारी चेतावनी में हब्बूश, कफ्र किला, सहमार, ऐन काना, नबातियेह अल-तहता और कफ्र रेमान के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा। प्रवक्ता ने संकेत दिया कि इन इलाकों में जल्द सैन्य हमले किए जा सकते हैं। हिजबुल्ला ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन लेबनान सरकार का कहना है कि इजरायल लगातार युद्धविराम का उल्लंघन कर रहा है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
