देश-विदेश

सीएम हिमंत सरमा के बयान से चिढ़ा बांग्लादेश

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयान से चिढ़े बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त पवन बाधे को बुलाकर अपना औपचारिक विरोध दर्ज कराया है।

यूएनबी न्यूज सर्विस ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि दक्षिण एशिया की महानिदेशक इशरत जहां ने बांग्लादेश के रुख से भारतीय राजनयिक को गुरुवार को अवगत कराया।

हिमंत ने पिछले सप्ताह इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था कि अमस में 20 विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया और उन्हें बांग्लादेश वापस भेज दिया गया।

उन्होंने कहा, ‘लातों के भूत बातों से नहीं मानते। हम तब असम से उन घुसपैठियों को बाहर निकालते हैं, जब वे खुद से नहीं जाते। ऐसे में हम लगातार इस कहावत को याद करते हैं। जैसे ये 20 अवैध बांग्लादेशी, जिन्हें कल रात धक्का देकर वापस भेज दिया गया।’

इशरत ने भारतीय राजनयिक से कहा कि इस तरह की टिप्पणियां दोनों देशों के बीच मित्रता के संबंधों की भावना को कमजोर करती हैं। उन्होंने इन टिप्पणियों को बांग्लादेश-भारत संबंधों के लिए अपमानजनक बताया और ढाका की नाखुशी को व्यक्त किया।

बता दें कि अगस्त, 2024 में गठित मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान भारत और बांग्लादेश के संबंध तनावपूर्ण हो गए थे।

इस वर्ष फरवरी में संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की जीत के बाद तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बांग्लादेशी सांसद के बयान पर निशिकांत ने टीएमसी को घेरा

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बंगाल में घुसपैठ के मुद्दे पर बांग्लादेश के एक सांसद के बयान को लेकर तृणमूल कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने कहा कि टीएमसी के मददगार धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं।

निशिकांत ने एक्स पर एक पोस्ट में बांग्लादेश के सांसद अख्तर हुसैन का एक वीडियो साझा किया है। उनके अनुसार, हुसैन ने कहा है कि अगर बंगाल की सत्ता में भाजपा आती है तो वह घुसपैठ को रोक देगी और बांग्लदेशी मुसलमानों को राज्य से बाहर कर देगी। तृणमूल कांग्रेस के मददगार धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं।

बात दें कि बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान हुआ और चार मई को मतगणना होगी। चुनाव प्रचार के दौरान घुसपैठ का मुद्दा गरमाया रहा। दूसरे चरण के मतदान के बाद आए एग्जिट पोल में भाजपा सरकार बनने की संभावना जताई गई है।

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