‘हमारे लिए गेमचेंजर साबित होंगे शमी, मयंक और नॉर्खिया’, LSG के कोच लैंगर का बड़ा दावा
टी-20 प्रारूप में मैच का रुख बहुत जल्दी बदलता है। ऐसे में आपके पास ऐसे गेंदबाज होने चाहिए, जो किसी भी समय विकेट निकाल सकें। मोहम्मद शमी के पास अनुभव है, मयंक के पास रफ्तार और ऊर्जा तो एनरिक नॉर्खिया के पास लगातार तेज एवं सटीक लाइन-लेंथ से गेंदबाजी करने की क्षमता है। ये तीनों आगामी सत्र में हमारे लिए गेमचेंजर साबित हो सकते हैं। चोट से वापसी के बाद मयंक और शमी अच्छी लय में दिख रहे हैं, जो टीम के सकारात्मक संकेत है। फिरकी गेंदबाजी का दारोमदार विग्नेश राठी व हसरंगा पर होगा और बल्लेबाजी में एडेम मार्करैम, मिशेल मार्श, जोश इंग्लिस के साथ कप्तान रिषभ पंत भी जोरदार शुरुआत के लिए तैयार हैं। ये कहना है लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के मुख्य कोच व पूर्व आस्ट्रेलियाई दिग्गज बल्लेबाज जस्टिन लेंगर का। टीम संयोजन और तैयारी समेत कई मुद्दों पर विकास मिश्र ने जस्टिन लेंगर से विस्तार से बातचीत की।
लैंगर से बातचीत के मुख्य अंश
सवाल- शमी और मयंक चोट के चलते लंबे समय बाद वापसी कर रहे हैं। दोनों गेंदबाजों से टीम प्रबंधन की बड़ी उम्मीदें होंगी। दोनों की फिटनेस पर क्या कहेंगे?
लैंगर- देखिए, मोहम्मद शमी की सबसे बड़ी ताकत उनकी लाइन-लेंथ है। वह नई गेंद से भी खतरनाक हैं और पुरानी से भी अच्छी गेंदबाजी करने में माहिर हैं। उनका अनुभव टीम के लिए बेहद अहम होगा। बड़े मैचों में ऐसे खिलाड़ी ही फर्क पैदा करते हैं। मयंक अच्छी लय में है और वह फिट व चुस्त-दुरुस्त दिख रहा है। हम उसका बहुत सम्मान करते हैं, क्योंकि वह पीठ की सर्जरी से उबरकर वापस आया है। उसने दोबारा वापसी के लिए कड़ी मेहनत की है और फिटनेस पर बहुत काम किया है।
कैंप में विशेष रूप से नॉर्खिया और मोहम्मद शमी दो बहुत वरिष्ठ गेंदबाजों से मयंक को काफी मदद मिल रही है। हमारे पास बाएं हाथ के तेज गेंदबाज नमन तिवारी, अर्जुन तेंदुलकर और आकाश सिंह हैं। ये सभी भारत के प्रतिष्ठित गेंदबाजी कोच भरत अरुण के साथ कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
सवाल- एनरिक नॉर्खिया का रोल कितना अहम रहेगा?
लैंगर- एनरिक नॉर्किया एक मैच विनर गेंदबाज हैं। वह विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाते हैं। उनकी बाउंस और गति बल्लेबाजों को गलती करने पर मजबूर करती है। खासकर, बीच के ओवरों में वह खेल का रुख बदल सकते हैं। निश्चित तौर पर नॉर्खिया के टीम से जुड़ने से हमारी तेज गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिली है। पिछले दो सीजन में गेंदबाजी हमारा कमजोर पक्ष था, जिसे इस बार मजबूती में बदलने का प्रयास किया गया है।
सवाल- आगामी सत्र के लिए टीम की रणनीति क्या है? क्या हम तीन गेंदबाज और दो स्पिनर के साथ उतरेंगे या तीन तेज गेंदबाज, एक स्पिनर और एक ऑलराउंडर शामिल करेंगे?
लैंगर- देखिए, कोई भी टीम अपनी रणनीति साझा नहीं करती है। यह हमारा राज है। अगर हम सारे राज खोल देंगे तो फिर पता नहीं क्या होगा, है ना? हमारा ध्यान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर है और टीम की तैयारी उसी दिशा में चल रही है। टीम के सदस्यों को उनकी जिम्मेदारी के बार में पता है। हमारे पास इस बार केन विलियमसन हैं। वह किस स्तर के रणनीतिकार हैं, शायद यह बातने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि क्रिकेट में उनसे बेहतर दिमाग किसी का नहीं है। निश्चित तौर पर केन से टीम को लाभ मिलेगा।
सवाल-पिछले सीजन में हमने देखा कि ओपनर अच्छी शुरुआत दिला रहे थे, लेकिन कई बार मध्यक्रम के बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे पा रहे थे। आगामी सत्र में इस समस्या से निपटने के लिए क्या रणनीति है?
लैंगर- मैं इस बात से सहमत हूं। लेकिन अगर आप हमारे बल्लेबाजी के आंकड़ों को देखें तो पूरे टूर्नामेंट में हमारी बल्लेबाजी नंबर एक पर थी। जाहिर है, मार्करम और मार्श ने कई बार अच्छी शुरुआत दिलाई। शुरुआत में निकोलस पूरन का प्रदर्शन बेहतरीन था। अब्दुल समद और आयुष बडोनी ने भी कई बार अच्छा योगदान दिया। इस बार भी ओपनर के लिए मार्श और मार्करम टीम के लिए पारी की शुरुआत करेंगे। ऋषभ पंत का पिछला टूर्नामेंट उतना अच्छा नहीं रहा, लेकिन हम जानते हैं कि वह कितने दमदार बल्लेबाज हो सकते हैं।
पूरन, बडोनी, समद, हिम्मत, मुकुल और शहबाज इस बार मध्यक्रम को मजबूती देने के लिए तैयार हैं। हमारे पास अर्शिन कुलकर्णी और अक्षत रघुवंशी भी हैं, जो एक अद्भुत प्रतिभा के धनी हैं। आइपीएल एक बहुत ही कठिन टूर्नामेंट है और अगर आप दोनों सीजन के करीबी मुकाबलों को देखें तो बहुत कुछ रन रेट पर भी निर्भर करता है। इसका बहुत असर पड़ता है। इसलिए हम इस बात से वाकिफ हैं। हमें हर मैच में सावधानी बरतनी होगी।


