आज होगा आखिरी ‘वॉर’, अहमदाबाद में भारतीय टीम रचना चाहेंगी इतिहास
भाग्य, मेहनत और मौकों के दम पर भारतीय टीम एक बार फिर दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम में पहुंच चुकी है, जहां रविवार को खेला जाएगा टी-20 विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला। भारत के सामने है कभी भी कोई भी विश्व कप न जीत पाने वाले कीवी। हालांकि इन्हीं कीवियों ने हमें 2021 में इंग्लैंड में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में हराया था और पिछले साल इनको भारतीय टीम ने दुबई में चैंपियंस ट्राफी के खिताबी मुकाबले में हराया था।
हालांकि ये न इंग्लैंड है और न ही दुबई, ये है अहमदाबाद का नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में जहां कुछ भी आसानी से नहीं मिलता। ठीक 364 दिन पहले नौ मार्च को रोहित शर्मा की टीम ने वनडे प्रारूप में हुई चैंपियंस ट्राफी के फाइनल में मिशेल सेंटनर की टीम को हराकर खिताब जीता था। इस बार सूर्य कुमार यादव की टीम को सेंटनर की टीम के साथ वही करना होगा।
IND vs NZ: बदलाव की उम्मीद कम
अभिषेक शर्मा अभी तक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं जबकि वरुण चक्रवर्ती आउट ऑफ फार्म हैं। इसके बावजूद सूर्य कुमार यादव आखिरी मैच में इन दोनों की जगह किसी और को खिलाते हुए नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने मैच से पहले प्रेस कांफ्रेंस में जो संकेत दिए उससे लगता है कि टीम इन दोनों के साथ ही उतरेगी। शनिवार को अभ्यास सत्र में भी गेंदबाजी कोच मोर्नी मोर्केल विशेष तौर पर वरुण को अभ्यास कराते नजर आए।
वरुण पहले की तरह बल्लेबाजों को परेशान नहीं कर पा रहे हैं। उनके साथ सिर्फ एक सकारात्मक पहलू यह है कि उन्हें अब तक बाएं हाथ के बल्लेबाजों ने ज्यादा कूटा है जबकि न्यूजीलैंड के दाएं हाथ के बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी जगह लेने के लिए कुलदीप यादव अच्छे विकल्प हैं लेकिन कोच गौतम गंभीर और सूर्य शायद बदलाव के लिए तैयार नहीं हैं। अभिषेक की भी तकनीकी खामियां उजागर हो गई हैं।
न्यूजीलैंड के पास दो दाएं हाथ के ऑफ स्पिनर और दो बाएं हाथ के स्पिनर हैं। अभिषेक के खेलने पर सेंटनर पावरप्ले में ही आफ स्पिनर कोल मैककांची को लगा सकते हैं। भारत के पास अभिषेक की जगह रिंकू सिंह को खिलाने का विकल्प है।
न्यूजीलैंड के बल्लेबाज और बुमराह
न्यूजीलैंड के ओपनर फिन एलन ने सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका के सामने जिस तरह ताबड़तोड़ शतक मारा था उसके लिए भारत को विशेष रणनीति बनाने की जरूरत होगी। ओपनर फिन और टिम साइफर्ट 12.5 में ही विपक्षी टीम को बाहर कर दिया था। इसके अलावा उनके पास मैट हेनरी, मिशेल सेंटनर, नीशम और लाकी फग्र्यूसन जैसे गेंदबाज हैं।
रचिन रवींद्र भी गेंद से कमाल कर रहे हैं। कीवियों की बल्लेबाजी को रोकने के लिए जसप्रीत बुमराह के चार ओवर सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे। उन्होंने इंग्लैंड के विरुद्ध सेमीफाइनल में 16वें और 18वें ओवर में जो किया वह दुनिया ने देखा है। हालांकि ये देखना होगा कि इस मैच में अर्शदीप सिंह और हार्दिक पांड्या शुरुआती ओवर करेंगे या कीवियों के ओपनरों का किला भेदने के लिए बुमराह को नई गेंद थमाई जाएगी।
IND vs NZ: दोनों टीमों-
भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप ¨सह, रिंकू सिंह, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, वाशिंगटन सुंदर।
न्यूजीलैंड: मिशेल सेंटनर (कप्तान), फिन एलन, टिम साइफर्ट, रचिन रवींद्र, मार्क चैपमैन, ग्लेन फिलिप्स, डेरेल मिशेल, मैट हेनरी, लाकी फग्र्यूसन, कोल मैककांची, काइल जैमीसन, जैकब डफी, डेवोन कोनवे, जिमी नीशम, ईश सोढ़ी।
व्यक्तिगत प्रदर्शन पर ध्यान नहीं अहमदाबाद
जबसे गौतम गंभीर कोच बने हैं तब से भारतीय खिलाड़ी व्यक्तिगत प्रदर्शन पर फोकस नहीं कर रहे हैं। कोई 48 पर हो या 90 पर, बल्लेबाज रिस्क लेकर छक्का मारने से नहीं चूकते। संजू सैमसन ने पिछले मैच में पावरप्ले में जोफ्रा आर्चर की एक छोटी गेंद को मिडविकेट के ऊपर से मारा, फिर 12वें ओवर में लांग आन पर छक्का लगाया।
इसके अलावा उन्होंने पांच और छक्के भी लगाए। शिवम दुबे ने भी पिछली पारी में हाई रिस्क गेम खेला। भारतीय बल्लेबाज हालात के हिसाब से ढलने के लिए पहले से कम गेंदें खेल रहे हैं।
2024 की शुरुआत से भारत ने पांच अलग-अलग मौकों पर 250 से अधिक का स्कोर बनाया है। ऐसा कोई भी टीम नहीं कर पाई है। भारत ने बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, जिंबाब्वे और इंग्लैंड के विरुद्ध ऐसा किया है।



