दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी की रिफाइनरी पर ईरान का ड्रोन हमला, कौन है Aramco का मालिक?
सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको (Aramco) ने सोमवार को एहतियात के तौर पर अपनी रास तनुरा तेल रिफाइनरी (Ras Tanura Oil Refinery) को बंद कर दिया। दरअसल ईरानी ड्रोन हमले की वजह से इस रिफाइनरी में आग लग गई थी, जिसके बाद सऊदी अरब ने ये फैसला लिया। बता दें कि अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी है। मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच ईरान ने अरामको की रिफाइनरी को निशाना बनाया है। आइए जानते हैं अरामको के बारे में।
कितना है अरामको का प्रोडक्शन?
2025 की शुरुआत में, सऊदी अरामको हर दिन लगभग 12.5–12.8 मिलियन बैरल तेल का कुल हाइड्रोकार्बन प्रोडक्शन बरकरार रखे हुए थी, जिसमें कुल लिक्विड प्रोडक्शन (कच्चा तेल और नैचुरल गैस लिक्विड) औसतन लगभग 10.4 मिलियन बैरल प्रति दिन (bpd) रहा।
अब भी कंपनी कच्चे तेल की अधिकतम 12 मिलियन bpd की क्षमता बनाए रखे हुए है। इससे पहले 2024 में, सऊदी अरब का डेली ऑयल प्रोडक्शन लगभग 10.9 मिलियन बैरल रिकॉर्ड किया गया।
कौन है अरामको का मालिक?
सऊदी अरामको में अधिकतर हिस्सेदारी सऊदी अरब की सरकार के पास है। सऊदी सरकार के पास कंपनी के 81% से अधिक शेयर हैं। सऊदी अरब के सॉवरेन वेल्थ फंड, पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (PIF) के पास 16% और हिस्सेदारी है। कंपनी 2019 में पब्लिक हुई थी, जिसके कुछ शेयर इंस्टीट्यूशनल और रिटेल इन्वेस्टर्स के पास हैं।
कितनी है अरामको की मार्केट कैपिटल?
इस समय सऊदी अरामको की मार्केट कैपिटल 6.32 लाख करोड़ सऊदी रियाल है। भारतीय करेंसी में ये रकम करीब 154 लाख करोड़ रुपये बनती है। इसका शेयर 26.10 सऊदी रियाल पर है, जो भारतीय करेंसी में 635.43 रुपये बनते हैं।
कितना है अरामको का रेवेन्यू?
सऊदी अरामको की लेटेस्ट फाइनेंशियल रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का रेवेन्यू 2025 में ₹42.216 लाख करोड़ रुपये रहा। 2024 में कंपनी ने ₹41.227 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाया था, जो साल 2023 के ₹41.216 लाख करोड़ रुपये के रेवेन्यू से अधिक रहा।
मुकेश अंबानी से खास रिश्ता
मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) गुजरात में अपनी जामनगर रिफाइनरी के लिए सऊदी अरामको से काफी मात्रा में कच्चा तेल इंपोर्ट करती है। सऊदी अरामको 20 से ज्यादा सालों से रिलायंस की एक बड़ी ऑयल सप्लायर रही है, जो कॉम्प्लेक्स में प्रोसेस होने वाले औसतन 1.4 मिलियन बैरल प्रति दिन (bpd) तेल का एक बड़ा हिस्सा प्रोवाइड करती है।
डील हो गयी थी रद्द
रिलायंस इंडस्ट्रीज के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिजनेस में 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए सऊदी अरामको की प्रस्तावित $15 बिलियन की डील नवंबर 2021 में ऑफिशियली कैंसल कर दी गई थी। 2019 में अनाउंस की गई इस पार्टनरशिप में RIL के O2C बिजनेस की वैल्यू $75 बिलियन आंकी गयी थी, लेकिन वैल्यूएशन में अंतर और रिलायंस के ग्रीन एनर्जी की ओर स्ट्रेटेजिक बदलाव के कारण बातचीत खत्म हो गई।




