पर्यटन

कांचीपुरम को क्यों कहा जाता है ‘City of Thousand Temples’

अगर भारत के सबसे पवित्र शहरों की बात करें, तो मन में सबसे पहले काशी या मथुरा का नाम आता है, लेकिन क्या आप जानते हैं भारत का City of Thousand Temples किसे कहा जाता है?

तमिलनाडु में बसा एक छोटा-सा शहर कांचीपुरम को हजारों मंदिरों का शहर कहा जाता है। पलार नदी के तट पर स्थित यह प्राचीन शहर रेशमी साड़ियों के साथ-साथ अपनी आध्यात्मिक विरासत के लिए भी जाना जाता है। आइए जानें आखिर क्यों कांचीपुरम सिटी ऑफ थाउजेंट टेंपल्स कहा जाता है।

क्यों मिला यह खास नाम?
प्राचीन काल में कांचीपुरम में 1,000 से ज्यादा मंदिर हुआ करते थे, जिन्हें पल्लव, चोल और विजयनगर साम्राज्य के शासन के दौरान बनवाया गया था। आज भी यहां लगभग 120 से ज्यादा विशाल और भव्य मंदिर सुरक्षित अवस्था में हैं, जो अपनी वास्तुकला के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। इस शहर को हिंदू धर्म के सबसे पवित्र सात शहरों (सप्त पुरी) में से एक माना जाता है। यहां की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह शहर शैव और वैष्णव दोनों संप्रदायों का संगम स्थल है।

कांचीपुरम के मंदिरों की अनोखी खासियत
वास्तुकला का बेजोड़ नमूना- यहां के मंदिर मुख्य रूप से पल्लव, चोल और विजयनगर राजाओं ने बनवाए थे। कैलाशनाथर मंदिर, जो कांचीपुरम का सबसे पुराना मंदिर है, अपनी पल्लवकालीन नक्काशी के लिए जाना जाता है। इसकी दीवारों पर उकेरी गई आकृतियां इतनी बारीक हैं कि वे पत्थर नहीं बल्कि लकड़ी की नक्काशी जैसी प्रतीत होती हैं।
एकम्बरेश्वर मंदिर- यह शहर का सबसे बड़ा और भगवान शिव के पृथ्वी तत्व को समर्पित मंदिर है। माना जाता है कि यहां देवी पार्वती ने मिट्टी से बने शिवलिंग की पूजा की थी। इसलिए यहां भगवान शिव के पृथ्वी लिंग की पूजा की जाती है।

कामाक्षी अम्मन मंदिर- कांचीपुरम शक्ति का भी केंद्र है। कामाक्षी अम्मन मंदिर को शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। यहां देवी कामाक्षी पद्मासन मुद्रा में विराजमान हैं, जो शांति और समृद्धि का प्रतीक है।
साड़ियों और मंदिरों का संगम– कांचीपुरम का नाम आते ही ‘कांजीवरम साड़ियों’ का ख्याल आता है। दिलचस्प बात यह है कि इन साड़ियों के बॉर्डर और डिजाइन अक्सर यहां के मंदिरों की नक्काशी और गोपुरम से प्रेरित होते हैं।

कांचीपुरम एक ऐसा शहर है, जो हजारों साल का इतिहास कहता है। अगर आप वास्तुकला, शांति और आध्यात्मिकता के प्रेमी हैं, तो आपको एक बार कांचीपुरम जरूर जाना चाहिए।

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