महिला आरक्षण पर यूपी विधानमंडल का विशेष सत्र आज
समाजवादी पार्टी व कांग्रेस द्वारा लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने देने के विरोध में बृहस्पतिवार को आहूत विधानमंडल का विशेष सत्र आयोजित होगा, जिसमें भाजपा सरकार निंदा प्रस्ताव लेकर आएगी। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना विधानसभा में निंदा प्रस्ताव रखेंगे, जिसके बाद दलीय नेताओं और विधायकों द्वारा इस पर चर्चा की जाएगी। एक दिवसीय सत्र के दौरान विधानमंडल के दोनों सदनों में हंगामा होने के आसार हैं।
बता दें कि राज्य सरकार ने बीते दिनों कैबिनेट में महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने देने की विपक्ष की साजिश का पर्दाफाश करने के लिए विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाकर निंदा प्रस्ताव पारित करने को हरी झंडी दी थी। विशेष सत्र के दौरान देर रात तक महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा होगी। साथ ही महिला सुरक्षा, अधिकार, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक भागीदारी जैसे मुद्दों को भी चर्चा में शामिल किया जा सकता है।
चर्चा के दौरान महिला सदस्यों को अपनी बात कहने का अधिक अवसर दिया जाएगा। देर शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदन को संबोधित करेंगे। इससे पहले नेता विरोधी दल माता प्रसाद पांडेय समेत दलीय नेताओं का संबोधन होगा। साथ ही सदन के पटल पर अध्यादेश, अधिसूचनाएं, नियम आदि रखे जाएंगे। इसके अतिरिक्त यदि कोई विधेयक पुनर्स्थापित किए जाने हैं, तो उन्हें भी पेश किया जाएगा। विशेष सत्र के दौरान प्रश्नकाल नहीं होगा। कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में इन बिंदुओं पर सहमति बनी।
परामर्शदात्री समिति की बैठक में सहमति
विशेष सत्र को लेकर बुधवार को विधान भवन में विधान परिषद में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सत्र के संचालन और कार्यसूची को लेकर चर्चा हुई। इस अवसर पर नेता सदन ने सभी दलों के नेताओं के साथ संवाद स्थापित करते हुए सदन की गरिमा और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा पर बल दिया।
बैठक में सभी दलीय नेताओं ने सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप चर्चा करने पर सहमति जताई। नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने भी अपने सुझाव रखे और सदन में जनहित के विषयों पर चर्चा कराने के सरकार के प्रयासों और कार्ययोजना पर सहमति व्यक्त की। बैठक में विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना समेत विभिन्न दलीय नेता एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पटल पर रखे जाएंगे ये अध्यादेश
उप्र लोक सेवा (अधिकरण) (संशोधन) अध्यादेश, 2026
उप्र राजस्व संहिता (संशोधन) अध्यादेश, 2026
उप्र राजस्व संहिता (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 2026
उप्र वानिकी और औद्योगिकी विश्वविद्यालय अध्यादेश, 2026
उप्र दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) (संशोधन) अध्यादेश, 2026
उप्र निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2026




