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14 महीने बाद फिफ्टी ठोक सूर्यकुमार यादव ने भारत को दी राहत की सांस

न्यूजीलैंड के खिलाफ रायपुर में खेले गए दूसरे टी20 मैच मे भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने शानदार पारी खेलते हुए अपनी फॉर्म में वापसी की और अर्धशतक जमाया। उनकी इस पारी ने भारत को तो राहत की सांस दी है, लेकिन बाकी टीमों को टेंशन दे दी है।

भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने शुक्रवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ रायपुर में खेले गए दूसरे टी20 मैच में शानदार अर्धशतक जमाया है। इस पारी के साथ ही सूर्या ने भारतीय फैंस को तो राहत दी है क्योंकि वह अगले महीन से शुरू हो रहे टी20 वर्ल्ड कप से पहले फॉर्म में लौटे हैं।

न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट खोकर 208 रन बनाए थे। भारतीय टीम ने ये टारगेट 15.2 ओवरों में हासिल कर लिया। उसने अपने सिर्फ तीन ही विकेट खोए। भारत के लिए कप्तान सूर्यकुमार ने 37 गेंदों पर नौ चौके और चार छक्कों की मदद से 82 रनों की नाबाद पारी खेली। वहीं ईशान किशन ने 32 गेंदों पर 11 चौके और चार छक्कों की मदद से 76 रन बनाए। शिवम दुबे 36 रन बनाकर नाबाद रहे।

14 महीने बाद अर्धशतक
सूर्यकुमार की फॉर्म का भारत को बेसब्री से इंतजार था। सभी जानते हैं कि सूर्यकुमार टी20 के दिग्गज बल्लेबाज हैं और उनका बल्ला चल गया तो फिर गेंदबाजों की खैर नहीं होती है। शुक्रवार को खेले गए मैच में इसका नजारा देखने को मिला। उनका बल्ला चला तो भारत ने 200 रनों से ज्यादा का टारगेट 16वें ओवर में ही हासिल कर लिया। सभी को कप्तान की इस फॉर्म का इंतजार था। सूर्यकुमार ने कल 14 महीने और 23 पारियों के बाद अर्धशतक जमाए हैं।

इससे पहले, सूर्यकुमार ने 12 अक्टूबर को बांग्लादेश के खिलाफ हैदराबाद में अर्धशतक जमाया था। उस मैच में सूर्यकुमार ने 35 गेंदों पर 75 रनों की पारी खेली थी जिसमें आठ चौके और पांच छक्के शामिल थे। पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप-2025 में वह अर्धशतक जमाने के करीब थे, लेकिन इससे पहले ही टीम जीत गई थी। सूर्यकुमार ने 14 सितंबर को खेले गए उस मैच में नाबाद 47 रन बनाए थे।

वर्ल्ड कप में अहम
अगर सूर्यकुमार का बल्ला रंग में आ गया तो फिर भारत के लिए इससे अच्छी बात नहीं हो सकती। उनके फॉर्म में आने का मतलब है कि चारों तरफ से रनों की बारिश फिर चाहे स्थिति कैसी भी हो। उनके फॉर्म में आने का टीम मैनेजमेंट और फैंस को काफी दिनों से इंतजार है। खुद सूर्यकुमार भी जानते हैं कि कप्तान रहते हुए उनका बल्ला चलना कितना जरूरी है। जिस अंदाज में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ बल्लेबाजी की और भारत को जीत दिलाई उसने दूसरी टीमों की टेंशन को बढ़ा दिया है।

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